आप इसमें कहां विजिट करना चाहते हैं मुम्बई

    • दर्शनीय स्थल भ्रमण (16)

    • गेटवे ऑफ़ इंडिया मुंबई

      गेटवे ऑफ़ इन्डिया भारत के प्रमुख नगर मुम्बई के दक्षिण में समुद्र तट पर स्थित है। यह प्रवेशद्वार असिताश्म का बना हुआ स्थापत्य है, जिसकी ऊंचाई २६ मीटर है। इस प्रवेशद्वार के पास ही पर्यटकों के समुद्र भ्रमण हेतु नौका-सेवा भी उपल्ब्ध है। प्रवेशद्वार को बनाने के लिए पीला असिताश्म प्रयुक्त किया गया है। प्रवेशद्वार का निर्माण राजा जॉर्ज पंचम और रानी मैरी के आगमन 2 दिसंबर, 1911 की यादगार में हुआ था। इसके वास्तुशिल्पी जॉजॅ विंटैट थे। यह सन् 1924 में बन कर तैयार हुआ।

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    • ताज महल होटल

      मुंबई की कोलाबा नमक जगह पर स्थित ताज महल पैलेस होटल पांच सितारा होटल है जो कि गेटवे ऑफ़ इंडिया के पास है। ‘ताज होटल, रिसॉर्ट्स एंड पैलेस’ का एक हिस्सा, यह इमारत इस समूह की प्रमुख संपत्ति मानी जाती है, जिसमे ५६० कमरे एवं ४४ सुइट्स हैं। ताज महल होटल १०५ साल पुरानी इमारत है। मुंबई की पहचान बन चुकी इस इमारत में महानगर के अमीर और संभ्रांत लोग आते-जाते रहते हैं। विदेशी पर्यटकों में भी गेटवे ऑफ़ इंडिया के पास स्थित ताज महल होटल काफ़ी लोकप्रिय है। ताज महल होटल से समुद्र का दृश्य दिखाई देता है। २६ नवम्बर २००८ मुंबई में श्रेणीबद्ध गोलीबारी के समय यह होटल लगभग ६० घंटों तक आतंकवादियों ने अपने कब्ज़े में कर रखा था।

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    • कोलाबा कॉसवे

      Colaba Causeway, officially known as Shahid Bhagat Singh Road, is a commercial street, and a major causeway or land link between Colaba and the Old Woman's Island in the city of Mumbai, India. It lies close to the Fort area, and to the east of Cuffe Parade, an upmarket neighbourhood in South Mumbai, and close by are Mumbai's famous landmarks, the Gateway of India and Taj Mahal Palace & Tower.

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    • फोर्ट

      Fort is a Business District in Mumbai, India. The area gets its name from the defensive fort, Fort George, built by the British East India Company around Bombay Castle. The area extends from the docks in the east, to Azad Maidan in the west; Victoria Terminus in the north to Kala Ghoda in the south. This area is the heart of the financial area of the city. Many British era structures are located here.

      साइट पर समय: २ घंटे
    • छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस

      छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (मराठी: छत्रपती शिवाजी महाराज टरमीनस), पूर्व में जिसे विक्टोरिया टर्मिनस कहा जाता था, एवं अपने लघु नाम वी.टी., या सी.एस.टी. से अधिक प्रचलित है। यह भारत की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई का एक ऐतिहासिक रेलवे-स्टेशन है, जो मध्य रेलवे, भारत का मुख्यालय भी है। यह भारत के व्यस्ततम स्टेशनों में से एक है, जहां मध्य रेलवे की मुंबई में, व मुंबई उपनगरीय रेलवे की मुंबई में समाप्त होने वाली रेलगाड़ियां रुकती व यात्रा पूर्ण करती हैं। आंकड़ों के अनुसार यह स्टेशन ताजमहल के बाद; भारत का सर्वाधिक छायाचित्रित स्मारक है। इस स्टेशन की अभिकल्पना फ्रेडरिक विलियम स्टीवन्स, वास्तु सलाहकार १८८७-१८८८, ने १६.१४ लाख रुपयों की राशि पर की थी। स्टीवन ने नक्शाकार एक्सल हर्मन द्वारा खींचे गये इसके एक जल-रंगीय चित्र के निर्माण हेतु अपना दलाली शुल्क रूप लिया था। इस शुल्क को लेने के बाद, स्टीवन यूरोप की दस-मासी यात्रा पर चला गया, जहां उसे कई स्टेशनों का अध्ययन करना था। इसके अंतिम रूप में लंदन के सेंट पैंक्रास स्टेशन की झलक दिखाई देती है। इसे पूरा होने में दस वर्ष लगे और तब इसे शासक सम्राज्ञी महारानी विक्टोरिया के नाम पर विक्टोरिया टर्मिनस कहा गया। सन १९९६ में, शिवसेना की मांग पर, तथा नामों को भारतीय नामों से बदलने की नीति के अनुसार, इस स्टेशन का नाम, राज्य सरकार द्वारा सत्रहवीं शताब्दी के मराठा शूरवीर शासक छत्रपति शिवाजी के नाम पर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस बदला गया। फिर भी वी.टी. नाम आज भी लोगों के मुंह पर चढ़ा हुआ है। २ जुलाई, २००४ को इस स्टेशन को युनेस्को की विश्व धरोहर समिति द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया। इस स्टेशन की इमारत विक्टोरियन गोथिक शैली में बनी है। इस इमारत में विक्टोरियाई इतालवी गोथिक शैली एवं परंपरागत भारतीय स्थापत्यकला का संगम झलकता है। इसके अंदरूनी भागों में लकड़ी की नक्काशि की हुई टाइलें, लौह एवं पीतल की अलंकृत मुंडेरें व जालियां, टिकट-कार्यालय की ग्रिल-जाली व वृहत सीढ़ीदार जीने का रूप, बम्बई कला महाविद्यालय (बॉम्बे स्कूल ऑफ आर्ट) के छात्रों का कार्य है। यह स्टेशन अपनी उन्नत संरचना व तकनीकी विशेषताओं के साथ, उन्नीसवीं शताब्दी के रेलवे स्थापत्यकला आश्चर्यों के उदाहरण के रूप में खड़ा है। मुंबई उपनगरीय रेलवे (जिन्हें स्थानीय गाड़ियों के नाम पर लोकल कहा जाता है), जो इस स्टेशन से बाहर मुंबई नगर के सभी भागों के लिये निकलतीं हैं, नगर की जीवन रेखा सिद्ध होतीं हैं। शहर के चलते रहने में इनका बहुत बड़ा हाथ है। यह स्टेशन लम्बी दूरी की गाड़ियों व दो उपनगरीय लाइनों – सेंट्रल लाइन, व बंदरगाह (हार्बर) लाइन के लिये सेवाएं देता है। स्थानीय गाड़ियां कर्जत, कसारा, पनवेल, खोपोली, चर्चगेट व डहाणु पर समाप्त होतीं हैं।

      साइट पर समय: एक घंटा
    • Haji Ali Dargah

      हाजी अली की दरगाह मुंबई के वरली तट के निकट स्थित एक छोटे से टापू पर स्थित एक मस्जिद एवं दरगाह हैं। इसे सय्यद पीर हाजी अली शाह बुखारी की स्मृति में सन १४३१ में बनाया गया था। यह दरगाह मुस्लिम एवं हिन्दू दोनों समुदायों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है। यह मुंबई का महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन स्थल भी है। दरगाह को सन १४३१ में सूफी संत सय्यद पीर हाजी अली शाह बुखारी की स्मृति में बनाया गया था। हाजी अली ट्रस्ट के अनुसार हाजी अली उज़्बेकिस्तान के बुखारा प्रान्त से सारी दुनिया का भ्रमण करते हुए भारत पहुँचे थे।

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    • Mahalaxmi dhobi ghat

      Dhobi Ghat (Mahalaxmi Dhobi Ghat) is an open air laundromat (lavoir) in Mumbai, India. The washers, known as dhobis, work in the open to clean clothes and linens from Mumbai's hotels and hospitals. It was constructed in 1890.

      साइट पर समय: एक घंटा
    • एलीफेंटा गुफाएं

      घारापुरी गुफाएँ (मराठी: घारापुरीची लेणी; अंग्रेज़ी: एलीफेंटा) भारत में मुम्बई के गेट वे ऑफ इण्डिया से लगभग १२ किलोमीटर दूर स्थित एक स्थल है जो अपनी कलात्मक गुफाओं के कारण प्रसिद्ध है। यहाँ कुल सात गुफाएँ हैं। मुख्य गुफा में २६ स्तंभ हैं, जिसमें शिव को कई रूपों में उकेरा गया हैं। पहाड़ियों को काटकर बनाई गई ये मूर्तियाँ दक्षिण भारतीय मूर्तिकला से प्रेरित है। इसका ऐतिहासिक नाम घारपुरी है। यह नाम मूल नाम अग्रहारपुरी से निकला हुआ है। एलिफेंटा नाम पुर्तगालियों द्वारा यहाँ पर बने पत्थर के हाथी के कारण दिया गया था। यहाँ हिन्दू धर्म के अनेक देवी देवताओं कि मूर्तियाँ हैं। ये मंदिर पहाड़ियों को काटकर बनाये गए हैं। यहाँ भगवान शंकर की नौ बड़ी-बड़ी मूर्तियाँ हैं जो शंकर जी के विभिन्न रूपों तथा क्रियाओं को दिखाती हैं। इनमें शिव की त्रिमूर्ति प्रतिमा सबसे आकर्षक है। यह मूर्ति २३ या २४ फीट लम्बी तथा १७ फीट ऊँची है। इस मूर्ति में भगवान शंकर के तीन रूपों का चित्रण किया गया है। इस मूर्ति में शंकर भगवान के मुख पर अपूर्व गम्भीरता दिखती है। दूसरी मूर्ति शिव के पंचमुखी परमेश्वर रूप की है जिसमें शांति तथा सौम्यता का राज्य है। एक अन्य मूर्ति शंकर जी के अर्धनारीश्वर रूप की है जिसमें दर्शन तथा कला का सुन्दर समन्वय किया गया है। इस प्रतिमा में पुरुष तथा प्रकृति की दो महान शक्तियों को मिला दिया गया है। इसमें शंकर तनकर खड़े दिखाये गये हैं तथा उनका हाथ अभय मुद्रा में दिखाया गया है। उनकी जटा से गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिधारा बहती हुई चित्रित की गई है। एक मूर्ति सदाशिव की चौमुखी में गोलाकार है। यहाँ पर शिव के भैरव रूप का भी सुन्दर चित्रण किया गया है तथा तांडव नृत्य की मुद्रा में भी शिव भगवान को दिखाया गया है। इस दृश्य में गति एवं अभिनय है। इसी कारण अनेक लोगों के विचार से एलिफेण्टा की मूर्तियाँ सबसे अच्छी तथा विशिष्ट मानी गई हैं। यहाँ पर शिव एवं पार्वती के विवाह का भी सुन्दर चित्रण किया गया है। १९८७ में यूनेस्को द्वारा एलीफेंटा गुफाओं को विश्व धरोहर घोषित किया गया है। यह पाषाण-शिल्पित मंदिर समूह लगभग ६,००० वर्ग फीट के क्षेत्र में फैला है, जिसमें मुख्य कक्ष, दो पार्श्व कक्ष, प्रांगण व दो गौण मंदिर हैं। इन भव्य गुफाओं में सुंदर उभाराकृतियां, शिल्पाकृतियां हैं व साथ ही हिन्दू भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर भी है। ये गुफाएँ ठोस पाषाण से काट कर बनायी गई हैं। यह गुफाएं नौंवीं शताब्दी से तेरहवीं शताब्दी तक के सिल्हारा वंश (८१००–१२६०) के राजाओं द्वारा निर्मित बतायीं जातीं हैं। कई शिल्पाकृतियां मान्यखेत के राष्ट्रकूट वंश द्वारा बनवायीं हुई हैं। (वर्तमान कर्नाटक में)।

      साइट पर समय: २ घंटे
    • मरीन ड्राइव

      मरीन ड्राइव मुंबई में 1920 में निर्मित हुआ था। यह अरब सागर के किनारे-किनारे, नरीमन प्वाइंट पर सोसाइटी लाइब्रेरी और मुंबई राज्य सेंट्रल लाइब्रेरी से लेकर चौपाटी से होते हुए मालाबार हिल तक के क्षेत्र में है। मरीन ड्राइव के शानदार घुमाव पर लगी स्ट्रीट-लाइटें रात्रि के समय इस प्रकार जगमाती हैं कि इसे क्वीन्स नैकलेस का नाम दिया गया है। रात्रि के समय ऊंचे भवनों से देखने पर मरीन ड्राइव बहुत बेहतरीन दिखाई देता है।

      साइट पर समय: एक घंटा
    • मालाबार हिल

      Malabar Hill, is a hillock and upmarket VIP residential neighbourhood in South Mumbai, Maharashtra, India. Malabar Hill is the most exclusive residential area in Mumbai, home to several business tycoons and film personalities. Notable residents include Adi Godrej, the Birla family, Shashi Ruia & family, Pallonji Mistry, Mahesh Jethmalani, the Jindal family, the Petit family, the Thakkar family and the Lal family etc. Prominent landmarks include the Chief Minister of Maharashtra's Bungalow, Government Guest House Sahyadri, official residences of VVIP state officials and additionally the Hanging Gardens, Jain Temple & Banganga Tank.

      साइट पर समय: एक घंटा
    • हैंगिंग गार्डन

      The Hanging Gardens, in Mumbai, also known as Pherozeshah Mehta Gardens, are terraced gardens perched at the top of Malabar Hill, on its western side, just opposite the Kamala Nehru Park. They provide sunset views over the Arabian Sea and feature numerous hedges carved into the shapes of animals. The park was laid out in 1881 by Ulhas Ghapokar over Bombay's main reservoir, some say to cover the water from the potentially contaminating activity of the nearby Towers of Silence. When seen from the air, the walkway inside the park (Hanging Gardens Path), spell out the letters PMG(Pherozeshah Mehta Gardens) in cursive.

      साइट पर समय: एक घंटा
    • मध्य रेल्वे मुख्यालय

      मध्य रेल, भारतीय रेल के 16 सबसे बड़े अंचलों में से एक अंचल है और इसका मुख्यालय मुंबई में छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (पहले विक्टोरिया टर्मिनस) में स्थित है। इसके अंतर्गत भारत की पहली यात्री रेल लाइन भी आती है, जिसे 16 अप्रैल 1853 को मुंबई से ठाणे के बीच चलाया गया था। इसे लघुरूप में मरे कहा जाता है। मध्य रेल के अंतर्गत महाराष्ट्र का अधिकांश, कर्नाटक का उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और मध्य प्रदेश का दक्षिणी हिस्सा आता है। इस रेल अंचल का गठन 5 नवम्बर 1951 को कई सरकारी स्वामित्व वाली रेलों को मिलाकर किया गया था, जिसमें ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे, पूर्व रियासत ग्वालियर की सिंधिया स्टेट रेलवे, निजाम स्टेट रेलवे और धौलपुर रेल शामिल थीं। पहले उत्तरी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दक्षिणी उत्तर प्रदेश का इलाका भी मध्य रेल अंचल के अंतर्गत आता था जिसके चलते यह क्षेत्र, रेलपथ की लंबाई और कर्मचारियों की संख्या के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा रेल अंचल बन गया था। अप्रैल 2003 में इन क्षेत्रों को मिलाकर एक नये रेल अंचल पश्चिम मध्य रेल का गठन किया गया।

      साइट पर समय: एक घंटा
    • राजाबाई घंटाघर

      The Rajabai Clock Tower is a clock tower in South Mumbai India. It is located in the confines of the Fort campus of the University of Mumbai. It stands at a height of 85 m (280 ft or 25 storeys). The tower is part of The Victorian and Art Deco Ensemble of Mumbai, which was added to the list of World Heritage Sites in 2018.

      साइट पर समय: ३० मिनट
    • चोर बाज़ार

      Chor Bazaar is one of the largest flea markets in India, located near Bhendi Bazaar in Kamathipura, South Mumbai,. The area is one of the tourist attractions of Mumbai. The word chor means thief in Marathi and Hindi. According to popular legend, if you lose anything in Mumbai you can buy it back from the "Chor Bazaar". The market has been mentioned in popular novels, including Rohinton Mistry's Such a Long Journey, where it is described as "not a nice place".In modern times, Chor Bazaar is said to sell mostly second-hand goods rather than stolen goods. The market is now famous for antique and vintage items. A store called Mini Market offers old Bollywood posters for sale. Others offer authentic Victorian furniture, replacement parts for automobiles, etc. Although bargains are sometimes staggering, haggling is considered mandatory. This is basically an "organized" flea market, where one has to rummage through junk to find what one wants. A popular story about the origin of the name of the market is that a violin and some other belongings of Queen Victoria went missing while being unloaded from her ship while on a visit to Bombay, and were later found for sale in the "thieves' market".

      साइट पर समय: २ घंटे
    • गिल्बर्ट हिल

      Gilbert Hill is a 200 ft (61 m) monolith column of black basalt rock at Andheri, in Mumbai, India. The rock has a sheer vertical face and was formed when molten lava was squeezed out of the Earth's clefts during the Mesozoic Era about 66 million years ago. During that era, molten lava had spread around most of the Indian states of Maharashtra, Gujarat and Madhya Pradesh, covering an area of 50,000 square kilometres (19,000 sq mi). The volcanic eruptions were also responsible for the destruction of plant and animal life during that era. According to experts, this rare geological phenomenon was the remnants of a ridge and had clusters of vertical columns in nearby Jogeshwari which were quarried off two decades ago. These vertical columns are similar to the Devils Tower National Monument in Wyoming, and the Devils Postpile National Monument in eastern California, USA.Gilbert Hill was declared a National Park in 1952 by the Central Government under the Forest Act. In 2007, after years of lobbying by geologists, the hill was declared a Grade II heritage structure by the Municipal Corporation of Greater Mumbai (MCGM), and all quarrying and other activities around the monument were prohibited. Over the period of time, Gilbert Hill has faced severe erosion problems too.Atop the rock column, two Hindu temples, the Gaodevi and Durgamata temples, set in a small garden, are accessed by a steep staircase carved into the rock. The hill offers a panoramic view of suburban Mumbai. Efforts are being made to convert Gilbert Hill into a tourist attraction and include it as a stop on a tour of Mumbai by Maharashtra Tourism Development Corporation.

      साइट पर समय: एक घंटा
    • मराठा मंदिर

      मराठा मंदिर मुंबई का एक चर्चित सिनेमाघर है। इस सिनेमाघर ने फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे को एक हज़ार से भी अधिक हफ्तों तक दिखाया।

      साइट पर समय: एक घंटा
    • संग्रहालय एवं संस्कृति (2)

    • Jehangir Art Gallery

      Jehangir Art Gallery is an art gallery in Mumbai (India). It was founded by Sir Cowasji Jehangir at the urging of K. K. Hebbar and Homi Bhabha. It was built in 1952. Managed by the Committee of Management, the entire cost of this mansion was donated by Cowasji Jehangir. This gallery is situated at Kala Ghoda, behind the Prince of Wales Museum, in South Mumbai near the Gateway of India, and has four exhibition halls. The gallery was designed by G.M.Bhuta for G.M. Bhuta & Associates.

      साइट पर समय: २ घंटे
    • मणि भवन गाँधी संग्रहालय

      मणि भवन भारत के मुंबई में स्थित एक ऐतिहासिक महत्व का भवन जहाँ गांधीजी ने काफी समय तक निवास किया और भारत की स्वतंत्रता का आंदोलन चलाया। वर्ष 1917 से 1934 गांधीजी का यह निवास था। यह भवन मुम्बई के गामदेवी क्षेत्र के १९ लेबर्नम मार्ग पर स्थित है। यह भवन रेवाशंकर जगजीवन झावेरी का था जो गांधीजी के मित्र थे। यह काल भारत के स्वतंत्रता संग्राम के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण था जब असहयोग आंदोलन, दाण्डी यात्रा, सविनय अवज्ञा आंदोलन जैसे आम लोगों से जुड़े आंदोलन चले। इस दौरान इस घर में कई बैठकें हुईं जिसमें देश के बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया। जब गर्मी होती थी, तो बैठकों का दौर छत पर चलता था।

      साइट पर समय: २ घंटे
    • पाक-कला (17)

    • आर्या भवन

      साइट पर समय: २ घंटे
    • Ram Ashraya

      साइट पर समय: २ घंटे
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